- हिन्‍दी बाल साहित्‍य की महत्‍वपूर्ण पुस्‍तकें। | मेरी दुनिया मेरे सपने
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हिन्‍दी बाल साहित्‍य की महत्‍वपूर्ण पुस्‍तकें।

समीक्षात्‍मक/परिचयात्‍मक पुस्‍तकें
हिन्दी बाल साहित्यः एक अध्ययन - डा0 हरिकृष्‍ण देवसरे - आत्माराम एण्ड संस, नई दिल्ली
बालगीत साहित्यः इतिहास और समीक्षा - निरंकार देव सेवक - हिन्दी संस्थान, लखनऊ
हिन्दी बाल साहित्य की रूपरेखा - डा0 श्रीप्रसाद - लोकभारती प्रकाशन, इलाहाबाद
हिन्दी बाल कविता का इतिहास - प्रकाश मनु - मेधा बुक्स, नई दिल्ली
भारतीय बाल साहित्य के विविध आयाम - उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान, लखनऊ
हिन्दी किशोर साहित्य - श्रीमती ज्योत्सना द्विवेदी - नंद किशोर एण्ड ब्रदर्स, वाराणसी
बाल साहित्यः रचना और समीक्षा - सं0- डा0 हरिकृष्‍ण देवसरे - शकुन प्रकाशन, नई दिल्ली
भारतीय बाल साहित्यः एक विवेचन - सं0-मनोहर वर्मा - राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर
बाल कल्याण में बाल साहित्य की भूमिका - सं0-डा0 रमाकांत श्रीवास्तव - उ0प्र0 हिन्दी संस्थान, लखनऊ
किशोर साहित्य की संभावनाएँ - सं0-देवेन्द्र कुमार देवेश - धरोहर प्रकाशन, गाजियाबाद
भारतीय बाल साहित्य का इतिहास - सं0-जयप्रकाश भारती - अखिल भारती, दिल्ली
हिन्दी बाल साहित्य परम्परा एवं प्रयोग - सं0-ओमप्रकाश सिंहल - अनुराग प्रकाशन, दिल्ली
साठोत्तरी हिन्दी बाल साहित्य, विशेष संदर्भ रोहिताश्‍व अस्थाना - डा0 शेषपाल सिंह शेष - समय प्रकाशन, दिल्ली
स्वातंत्रयोत्तर हिन्दी बाल सहित्य - डा0 कामना सिंह - आलेख प्रकाशन, दिल्ली
बाल साहित्‍य के प्रतिमान - डा0 नागेश पांडेय संजय - बुनियादी साहित्‍य, लखनऊ
बाल साहित्य 21वीं सदी में - जय प्रकाश भारती - अभिरूचि प्रकाशन, दिल्ली
बाल साहित्यः मेरा चिंतन - डा0 हरिकृष्‍ण देवसरे - मेधा बुक्स, दिल्ली
बाल पत्रकारिताः स्वर्णयुग की ओर - जय प्रकाश भारती - परमेश्‍वरी प्रकाशन, दिल्ली
हिन्दी बाल पत्रकारिताः उदभव और विकास - सुरेन्द्र विक्रम - साहित्यवाणी, इलाहाबाद
हिन्दी में बाल विज्ञान लेखन - डा0 शिवगोपाल मिश्र - हिन्दी संस्थान, लखनऊ
हिन्दी बाल काव्य में प्रतीक एवं कल्पना तत्व - कुसुम डोभाल - लाइब्रेरी बुक सेन्टर, दिल्ली
हिन्दी बालकाव्य एक अविराम यात्रा - विनोद चंद्र पाण्डेय - व्यापार सदन, लखनऊ
बाल काव्य के प्रमुख प्रणेता - अमिताभ पाण्डेय- शिल्पी प्रकाशन, लखनऊ
बाल रंगमंचः कुछ जरूरी सवाल - सं0-कृष्‍ण नारायण कक्कड - उ0प्र0 संगीत नाटक अकादमी, लखनऊ
हिन्दी के मूर्धन्य बालसाहित्यकार - शमशेर अहमद खान - अमित प्रकाशन, गाजियाबाद
हिन्दी बाल साहित्य विमर्श (साहित्यिक साक्षात्कार) - शकुन्तला कालरा - यतीन्द्र साहित्य सदन, भीलवाड़ा


बचपन के‍न्द्रित पुस्‍तकें
बचपन से पलायन - जॉन हॉल्ट - एकलव्य प्रकाशन, भोपाल

समर हिल - ए0एस0 नील - एकलव्य प्रकाशन, भोपाल
बाल हृदय की गहराइयाँ - वसीली सुखोम्‍लींस्‍की - प्रगति प्रकाशन - मास्‍को
राज समाज और शिक्षा - कृष्‍ण कुमार - राजकमल प्रकाशन, नई दिल्ली

बाल कहानी संग्रह
रवींद्रनाथ का बाल साहित्य - सं0-लीला मजूमदार - साहित्य अकादमी, नई दिल्ली
भारतीय बाल कहानियाँ - सं0-हरिकृष्‍ण देवसरे - साहित्‍य अकादमी, नई दिल्‍ली
तेरह अनुपम कहानियाँ - नेशनल बुक ट्रस्ट, नई दिल्ली
श्रेष्‍ठ बाल कहानियाँ - सं0-बालशौरि रेडडी - लोकभारती प्रकाशन, इलाहाबाद
बच्चों की सौ कहानियाँ - सं0-डा0 हरिकृष्‍ण देवसरे - शकुन प्रकाशन, नई दिल्ली
21वीं सदी की बाल कहानियाँ(2 खण्‍ड)- सं0-जाकिर अली रजनीश - मदनलाल कानोडिया एण्ड कं0, लखनऊ
प्रतिनिधि बाल कहानियाँ - सं0-मनोहर वर्मा - हिन्दी संस्थान, लखनऊ
बाल निर्माण कथा माला(5 भाग)- सं0-विनोद शर्मा - भारतीय ग्रन्थमाला, लखनऊ
बचपन की कहानियाँ - सं0-गिरिराज शरण अग्रवाल- प्रभात प्रकाशन, नई दिल्ली
आधुनिक बाल कहानियाँ(2 भाग)- सं0-रमाशंकर -शिल्पी प्रकाशन, लखनऊ
बयालिस बाल कथाएँ - सं0-शमशेर अहमद खान - मिनहाज प्रकाशन, गाजियाबाद
24 बाल कहानियाँ - सं0-शोभनाथ लाल - लहर प्रकाशन, इलाहाबाद
हिन्दी की श्रेष्‍ठ बालकहानियाँ - सं0-उषा यादव - आत्माराम एण्ड संस, नई दिल्ली
बाल कथा सुमन माला(2 भाग) - सं0-डा0 शकुंतला कालरा - सन्मार्ग प्रकाशन, दिल्ली
चुने हुई बालकहानियाँ(2 भाग) - सं0-रोहिताश्‍व अस्थाना - प्रभात प्रकाशन, दिल्ली
इक्‍यावन ऐतिहासिक बाल कहानियाँ - सं0-रमाशंकर - साहित्य भण्डार, इलाहाबाद
इकत्‍तीस पर्यावरण की बाल कहानियाँ - सं0-रमाशंकर - विभा प्रकाशन, इलाहाबाद
इक्‍यावन हास्य बाल कहानियाँ - सं0-रमाशंकर - लहर प्रकाशन, इलाहाबाद
मनोवैज्ञानिक बाल कहानियाँ - सं0-रमाशंकर - लहर प्रकाशन, इलाहाबाद
चौबीस जासूसी बाल कहानियाँ - सं0-रमाशंकर - मीरा पब्लिकेशंस, इलाहाबाद
किशोरों की श्रेष्‍ठ कहानियाँ - सं0-नागेश पांडेय संजय - विद्यार्थी प्रकाशन, लखनऊ
इन्द्रधनुषी बाल कहानियाँ - सं0-नागेश पांडेय संजय - अर्जित पब्लिशर्स, लखनऊ
बालिकाओं की श्रेष्‍ठ कहानियाँ - सं0-नागेश पांडेय संजय - राष्‍ट्रीय प्रकाशन मंदिर, लखनऊ
परी कथाएँ - सं0-सुधीर सक्सेना सुधि - राजस्थान पत्रिका प्रकाशन, जयपुर
साहस कथाएँ - सं0-सुधीर सक्सेना सुधि - राजस्थान पत्रिका प्रकाशन, जयपुर
हास्य कथाएँ - सं0-अनंत कुशवाहा - राजस्थान पत्रिका प्रकाशन, जयपुर
गप्प कथाएँ - सं0-सुधीर सक्सेना सुधि - राजस्थान पत्रिका प्रकाशन, जयपुर
इक्यावन बाल कहानियाँ - देवेन्द्र कुमार - आत्माराम एण्ड संस, नई दिल्ली
यादराम रसेन्द्र की श्रेष्‍ठ बालकथाएँ - सं0-जाकिर अली रजनीश- लहर प्रकाशन, इलाहाबाद
अनंत कुशवाहा की श्रेष्‍ठ बालकथाएँ - सं0-जाकिर अली रजनीश - लहर प्रकाशन, इलाहाबाद
इक्यावन बाल कहानियाँ - क्षमा शर्मा - आत्माराम एण्ड संस, नई दिल्ली
इक्यावन बाल कहानियाँ - प्रकाश मनु - आत्माराम एण्ड संस, नई दिल्ली
प्रतिनिधि बाल विज्ञान कथाएँ - सं0-जाकिर अली रजनीश - विद्यार्थी प्रकाशन, लखनऊ
बाल विज्ञान कथाएँ - सं0-शुकदेव प्रसाद - किताबघर, नई दिल्ली
मिशन आकाशगंगा (विज्ञान कथाएँ) - सं0-राकेशनाथ - विश्‍व बुक्स, नई दिल्ली

बाल कविता संग्रह
प्रतिनिधि बाल गीत - सं0-डा0 श्रीप्रसाद - उ0प्र0 हिन्दी संस्थान, लखनऊ
हिन्दी के नये बालगीत - रमेश तैलंग, देवेन्द्र कुमार, प्रकाश मनु - मानक पब्लिकेशंस, दिल्ली
चुनी हुई बालकविताएँ - सं0-रोहिताश्‍व अस्थाना - प्रभात प्रकाशन, दिल्ली
बच्चों की सौ कविताएँ - सं0-डा0 हरिकृष्‍ण देवसरे - शकुन प्रकाशन, नई दिल्ली-02
ईचक दाना बीचक दाना (कविता) - सं0-डा0 अजय जनमेजय - अविचल प्रकाशन, बिजनौर
हिन्दी के श्रेष्‍ठ बालगीत - सं0-जयप्रकाश भारती - पराग प्रकाशन, दिल्ली
151 बाल कविताएँ - सं0-जाकिर अली रजनीश - यश पब्लिकेसंस, मुम्बई

बाल नाटक संग्रह
प्रतिनिधि बाल नाटक- सं0-डा0 हरिकृष्‍ण देवसरे - उ0प्र0 हिन्दी संस्थान, लखनऊ
नाटकों के देश में - सं0-मस्तराम कपूर - नेशनल बुक ट्रस्ट, नई दिल्ली
चुने हुए बाल एकांकी - सं0-रोहिताश्‍व अस्थाना - प्रभात प्रकाशन, दिल्ली
बच्चों के सौ नाटक - सं0-डा0 हरिकृष्‍ण देवसरे - शकुन प्रकाशन, नई दिल्ली
उमंग - सं0-अशोक वाजपेयी, राजकमल प्रकाशन, नयी दिल्ली
तीस बाल नाटक - सं0-जाकिर अली रजनीश - यश पब्लिकेसंस, मुम्बई

उपन्‍यास संग्रह
बच्चों के बारह उपन्यास - सं0-राधेश्‍याम प्रगल्भ - शकुन प्रकाशन, नई दिल्ली
ग्‍यारह बाल उपन्यास - सं0-जाकिर अली रजनीश - वर्षा प्रकाशन, इलाहाबाद

17 comments:

शिखा कौशिक ने कहा…

bahut shodhatmak post hai .mehnat se taiyar post .bal-sahitiy premyon ke liye bahut achchhi post hai .aabhar v hardik shubhkamnayen

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

पोस्ट संग्रह कर ली है।

Rahul Singh ने कहा…

उपयोगी जानकारी.

Divik Ramesh ने कहा…

सरसरी निगाह से देख्ते हुए बाल नाटकों की एक अच्छी पुस्तक का ध्यान आ रहा हॆ- "उमंग", सम्पादक-अशोक वाजपेयी, राजकमल प्रकाशन, नयी दिल्ली । चाहें ऒर उचित लगे तो इसे भी सम्मिलित कर सकते हॆं । कुछ ऒर पुस्तकें भी हो सकती हॆं । बाद में । परिश्रम कर रहे हॆं, शुभकामनाएं ।

Prabin Kumar Sharma ने कहा…

उपयोगी.......यह जानकारी मै चाहता था धन्यवाद्.

Prabin Kumar Sharma ने कहा…

उपयोगी.......यह जानकारी मै चाहता था धन्यवाद्.

डॉ0 ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ (Dr. Zakir Ali 'Rajnish') ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.
ज्ञानचंद मर्मज्ञ ने कहा…

upayogi jankari ke liye abhaar !

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

आपकी इस उत्कृष्ट प्रविष्टी की चर्चा कल मंगलवार के चर्चा मंच पर भी की जा रही है! आपके ब्लॉग पर अधिक से अधिक पाठक पहुँचेंगे तो चर्चा मंच का भी प्रयास सफल होगा।

डॉ0 ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ (Dr. Zakir Ali 'Rajnish') ने कहा…

दिविक जी, 'उमंग' के लिए शुक्रिया। यदि सम्‍भव हो, तो इसके बारे में थोडी और जानकारी देने की कृपा करें कि इसमें कितने नाटक हैं और उनके लेखकों के क्‍या नाम हैं।
ऐसा मैं सिर्फ इसलिए पूछ रहा हूं क्‍योंकि यदि पुस्‍तक के बारे में कोई व्‍यक्ति जानना चाहे, तो उसे यह जानकारी दी जा सके। (यहां पर यह बताना उचित समझूंगा कि यहां पर मैंने जितनी भी पुस्‍तकों के नाम दिए है, वे मेरे पास संग्रहीत हैं। इसलिए यदि भविष्‍य में कोई पाठक इन पुस्‍तकों के बारे में कोई भी जानकारी चाहेगा, तो मैं उसे आसानी से दे सकूंगा।)

डॉ॰ मोनिका शर्मा ने कहा…

अच्छी जानकारी का संकलन...... हार्दिक धन्यवाद्

आशा जोगळेकर ने कहा…

यह त बहुत उपयोगी जानकारी है । आभार ।

Divik Ramesh ने कहा…

’रजनीश’ जी, उमंग का पहला संस्करण २००४ में प्रकाशीत हुआ था । इसमें १२ लेखकों के १२ बाल नाटक हॆं । लेखकों में श्रीलाल शुक्ल, मृदुला गर्ग, रमेशच्न्द्र शाह, गिरिराज किशोर, उदय प्रकास, कृष्णा सोबती, कमलेश्वर आदि सम्मिलित हॆं । मूल्य २५० रु. हॆ ।

Divik Ramesh ने कहा…

पिछले कुछ ही वर्षों में आत्माराम एण्ड संस, दिल्ली ने भी कुछ बाल साहित्यकारों की १०१ बाल कविताएं श्रूंखला में कुछ अच्छी पुस्तकें प्रकाशीत की हॆं । लगे हाथ ऒर तीन-चार पुस्तकों की ओर ध्यान दिला दूं: १. बाल साहित्य के युग निर्माता जयप्रकाश भरती, संपादक, शकुन्तला कालरा, रचना कुमार (भावना प्रकाशन,दिल्ली),२.हिन्दी बाल साहित्य विमर्श (साहित्यिक साक्षात्कार), शकुन्तला कालरा, यतीन्द्र साहित्य सदन, भीलवाड़ा ३.बाल कथा: सुमन-माला(भाग-1), शकुन्तला कालरा,सन्मार्ग प्रकाशन, दिल्ली. ४.भारतीय बाल साहित्य का इतिहास, सम्पादक: जयप्रकाश भारती ।
शेष फिर ।

डॉ0 ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ (Dr. Zakir Ali 'Rajnish') ने कहा…

दिविक जी, इस नवीन जानकारी के लिए पुन: आभार।

भारतीय बाल साहित्‍य का इतिहास एवं बाल कथा सुमन माला पुस्‍तकें पहले से ही जुड हुई हैं। अन्‍य पुस्‍तकें भी लगे हाथ इसमें जोड़ता हूं।

डॉ0 ज़ाकिर अली ‘रजनीश’ (Dr. Zakir Ali 'Rajnish') ने कहा…

दिविक जी, व्‍यक्ति केन्द्रित पुस्‍तकों को मैंने इसमें जानबूझकर नहीं जोड़ा हे, क्‍योंकि ऐसी पुस्‍तकों में बाल साहित्‍य पर चर्चा कम होती है, उनके व्‍यक्तित्‍व एवं उनसे जुडी घटनाओं का वर्णन तथा महिमामंडन ही ज्‍यादा होता है।

मेरी जानकारी में अब तक बाल साहित्‍य से जुडे रचनाकारों पर केन्द्रित निम्‍न किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं:

1. डॉ0 राष्‍ट्रबंधु- व्‍यक्तित्‍व एवं कर्तृत्‍व - सं0-भालचंद्र सेठिया, प्रतीक‍ मिश्र - डॉ0 राष्‍ट्रबंधु अभिनन्‍दन समिति, कानपुर

2. डॉ0 राष्‍ट्रबंधु का बालसाहित्‍य मूल्‍यांकन - सं0-डॉ0 शकुंतला कालरा - विभा प्रकाशन इलाहाबाद

3. डॉ0 शोभनाथ लाल : व्‍यक्तित्‍व और कृतित्‍व - सं0-डॉ राष्‍ट्रबंध, डॉ0 राजेन्‍द्र दुबे - विभा प्रकाशन इलाहाबाद

4. द्वारिका प्रसाद माहेश्‍वरी : सृजन और मूल्‍यांकन - सं0-डॉ0 ओम निश्‍चल - किताबघर प्रकाशन, नई दिल्‍ली
5. यहां सुमन बिखेर दो (चंद्रपाल सिंह यादव 'मयक' केन्द्रित) - सं0-राजकिशोर सिंह, उषा यादव - आत्‍माराम एण्‍ड संस, नई दिल्‍ली

6. बाल साहित्य के युग निर्माता: जयप्रकाश भरती - सं0- डॉ0 शकुन्तला कालरा, रचना कुमार - भावना प्रकाशन, दिल्ली


वैसे कमेंट बॉक्‍स में तो यह लिस्‍ट सुरक्षित है ही। जो भी इस पोस्‍ट तक आएगा, इन्‍हें यहां पर पढ़ ही लेगा। इसीलिए मुख्‍य सूची में इन्‍हें शामिल नहीं किया है।

Divik Ramesh ने कहा…

व्यक्ति केन्द्रित पुस्तकों के बारे में आप की बात काफी हद तक ठीक हॆ । फिर भी जो हमारे मान्य लेखक हॆं ऒर उस पर भी स्वर्गीय उन पर केन्द्रित पुस्तकों की जानकारी, मॆं समझता हूं, पाठकों को होनी ही चाहिए । उनका जो प्रशंसनीय रूप हे उससे भी परिचित हो जाए तो कम बड़ी बात नहीं हॆ । मूल्यांकन तो होता ही रहता हॆ। ऒर फिर ’नापसंदगी ऒर कटु आलोचना ’ भी तो आजकल कभी-कभी प्रयोजित भी होती हॆं । पूर्वाग्रहों के रहते उपेक्षा भी कम नहीं हो रही हे बहुतों के द्वारा बहुतों की । यह दु:खद हॆ । फिर भी जितना कुछ भी पाठकों के सामने लाया जा सके लाया जाना चाहिए । शोध ऒर आलोचना में यही अन्तर हॆ ऒर शोध का यही धर्म हॆ । इसकी उपादेयता हॆ। शेष जॆसा आप ठीक समझे । यह मेरी व्यक्तिगत राय हो सकती हॆ ।

 

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