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सचमुच ब्लॉगवाणी का कोई मुकाबला नहीं है।


हिन्दी ब्लॉगों को प्रोत्साहन देने के लिए ब्लॉगवाणी जो काम कर रहा है, सचमुच वह अतुलनीय है। हालाँकि 'ब्लॉगवाणी' के अलावा अन्य एग्रीगेटर भी यह काम कर रहे हैं, पर 'ब्लॉगवाणी' जैसी सेवा भावना अन्यत्र दुर्लभ है। खासकर पिछले दिनों 'ब्लॉगवाणी' पर 'पंसद' सम्बंधी हुए विवाद के बाद उसका जो नया रूप आया है, उसने सबका मन मोह लिया है। 'ब्लॉगवाणी' की जिन सुविधाओं ने लोगों का मन मोहा है, वे निम्नानुसार हैं-

1- साइट अब पहले की तुलना में जल्दी खुल जाती है।
2- 'आज की हलचल' सतम्भ के अन्तर्गत 'हॉट' श्रेणी काफी दिलचस्प है।
3- साइट में कैलेण्डर जोड़े जाने से किसी भी दिन की पोस्ट देखना काफी आसान हो गया है।
4- पसंद के लिए लॉगिन होने की अनिवार्यता से पारदर्शिता बढ़ी है।
5- 'कहीं से कुछ ब्लॉग' कॉलम एक नया प्रयोग है, जो वाकई काबिले-तारीफ है।
6- 'कन्टेन्ट' श्रेणी में अन्य भाषाओं को जोड़ना भी एक सुंदर प्रयास है, इससे हिन्दी ब्लॉगों की पहुंच अन्य भाषी लोगों के बीच भी बनेगी।


7- अंत में सबसे प्रमख कारण, जिसके कारण यह पोस्ट लिखने का मन हुआ, वह है 'हॉट' श्रेणी में एक साथ 'ब्लॉगवाणी' द्वारा भेजे गये पाठकों की संख्या, प्राप्त टिप्पणियों और पसंद को एक साथ दिखाना।

इस बदलाव को देखकर मैं व्यक्गित रूप से मैथिली जी और सिरिल जी को बधाई देना चाहूँगा। साथ ही साथ यह भी कहना चाहूँगा कि आप लोगों के द्वारा हिन्दी ब्लॉग के उन्नयन के लिए जो प्रयास किये जा रहे हैं, वे सचमुच काबिले-दाद हैं। इनकी जितनी सराहना की जाए, कम है।

लेकिन इसके साथ ही मैं 'ब्लॉगवाणी' में कुछ सुधार की भी सलाह देना चाहूंगा, जैसे कि मुझे लग रहा है कि 'ब्लॉगवाणी' में पहले की तुलना में नये ब्लॉग जोड़ना काफी मुश्किल हो गया है। इसके साथ ही साथ मुख्य पृष्ष्ठ पर, जहाँ सारे ब्लॉग दिखाए जाते हैं, उस पेज के समाप्त होने पर यदि पूर्व की तरह अन्य ब्लॉग को देखने के लिए पहले की तरह पेज सिस्टम लगा दिया जाए, तो उससे पाठकों को ज्यादा सुविधा होगी।

आशा है मैथिली और सिरिल जी इन सुझावों पर भी ध्यान देंगे, जिससे हमारी 'ब्लॉगवाणी' और बेहतर हो सके और पाठकों को ज्यादा सुविधा हो सके।

11 comments:

महफूज़ अली ने कहा…

बिलकुल सही कहा आपने....

C.B. Pandey ने कहा…

Aapne sahi kaha naye blog reg. men prroblum hai.

निर्मला कपिला ने कहा…

सही कहा आपने अगली प्रविष्टियाँ देखना जरा मुश्किल सा लगता है।पूर्व की तरह अन्य ब्लॉग को देखने के लिए पहले की तरह पेज सिस्टम लगा दिया जाए तो अच्छा है धन्यवाद ब्लागवाणी के इन पुरोधाओं को सलाम धन्यवाद शुभकामनायें

जी.के. अवधिया ने कहा…

सहमत हूँ आपसे कि ब्लागवाणी का कोई मुकाबला नहीं है!

संगीता पुरी ने कहा…

बहुत सही लिखा है आपने .. मैथिली जी और सिरिल जी को बधाई !!

Arvind Mishra ने कहा…

सचमुच ये खूबियाँ मनमोहक हैं -ब्लागवाणी और चिट्ठाजगत दोनों की अपनी अपनी खूबियाँ हैं .एक से बढ़कर एक हैं दोनों और निष्काम भाव से समाज सेवा में जुटी हैं .

मनोज कुमार ने कहा…

बिलकुल सही कहा आपने.
1. पहले से ज़्यदा निख़ार आया है।
२. पहले की तुलना में नये ब्लॉग जोड़ना काफी
मुश्किल हो गया है।

अविनाश वाचस्पति ने कहा…

जब आसान था तो कहते थे आसान क्‍यों है
जब मुश्किल हो गया तो कहते हैं मुश्किल है
पर एक बात बिल्‍कुल सच है ब्‍लॉगवासियों
ब्‍लॉगवाणी का मुकाबला अब तो नामुमकिन है।

अजय कुमार झा ने कहा…

हां आपने बिल्कुल सच कहा , आज की तारीख में ब्लोगवाणी सबसे प्रभावशाली और लोकप्रिय संकलक है .इसका कोई मुकाबला नहीं है
अजय कुमार झा

Mrs. Asha Joglekar ने कहा…

मैने भी कभी अपने ब्लॉग को ब्लॉगवाणी पर डालना चाहा था जब हो नही पाया तो छोड दी कोशिश ।

Babli ने कहा…

वाह बहुत ही सुन्दर! आपको और आपके परिवार को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें!

 

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