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एक छोटी सी गल्ती, जो बड़े-बड़े ब्लॉगर करते हैं।

हर आदमी के जीवन में अनजाने में कोई न कोई ऐसी गल्ती कभी न कभी हो ही जाती है, जिसके लिए हमें उम्र भर पछताना होता है। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि ऐसी ही एक छोटी सी गल्ती आमतौर से ज्यादातर ब्लॉगर भी करते हैं। वे उसे देखकर मन ही मन कुढ़ते रहते हैं, पर उसका कोई हल नहीं मालूम होने के कारण मन मार कर रह जाते हैं।

यहाँ पर उन ब्लॉगर्स की बात कर रहा हूँ, जो अपना मैटर एम0एस0 आफिस में टाइप करते हैं और उसमें सेव करते हैं। आमतौर पर यह देखने में आता है कि एम0एस0 आफिस  से कोई भी मैटर जब लेकर हम ब्लॉगर में पेस्ट करते हैं, तो उसमें लाइन अलाइनमेंट गड़बड़ हो जाता है। कभी कभी एक पैरे का फांट छोटा हो जाता है और दूसरे का बड़ा। तो कभी दो पैरों के बीच डबल गैप हो जाता है और कभी कभी चाह कर भी हम दो पैरों के बीच में गैप नहीं दे पाते हैं। अगर आपके साथ भी ऐसी ही समस्या है, तो फिर ये पोस्ट आपके लिए ही है।

पहले मुझे भी अक्सर यही समस्या होती थी। एक दिन ब्लॉगर विनय भाई मुझसे मिलने आए हुए थे। उन्होंने जब इस समस्या से जुझते हुए मुझे देखा, तो झट से उसका एक आसान सा सल्यूशन बता दिया। यह बात तो काफी पुरानी हो चुकी है। लेकन कल जब मैं 'साइंस ब्लॉगर्स असोसिएशन' पर पूनम मिश्रा जी का आलेख 'धरती का हर बाशिन्दा महफ़ूज़ रहे, खुशहाल रहे' प्रकाशित कर रहा था, तो मुझे फिर उसी दिक्कत का सामना करना पड़ा। इसलिए मैं सोचा कि क्यों न यह छोटी सी जानकारी मैं आपके साथ शेयर करूँ।

जब भी आप कोई यूनिकोड मैटर वर्ड से  लेजाकर ब्लॉगर में पेस्ट करें, तो उसे कॉपी करके नोट पैड  (*.txt)  फाइल बनाकर उसमें पेस्ट कर दें। इस फाइल को सेव ऐज़ कर लें। हाँ, सेव ऐज़ करते समय फाइल की इनकोडिंग को यू0टी0एफ0 में परिवर्तित करना न भूलें। इसके बाद आप फिर से वर्ड में आएं और कोई अन्य मैटर कॉपी कर लें, जिससे कम्प्यूटर की मेमोरी में पड़ा पहले वाले मैटर का एलाइनमेंट हट जाएगा। अब आप टेक्स्ट फाइल के मैटर को उठाएं और ब्लॉगर में मनचाही जगह पेस्ट कर दें और मैटर में मनचाही सेटिंग दे दें।

तो देखा, है न कितना आसान तरीका। वैसे आपके लिए अच्छा यही होगा कि आप अपने यूनिकोड डॉक्यूमेंट को टेक्स्ट फाइल में ही सेव करें, तो ज्यादा अच्छा है। क्योंकि यह वर्ड के मुकाबले कम जगह भी घेरता है और कोई ऐसी बैकग्राउंड सेटिंग भी नहीं बनाता, जो आपको ब्लॉगर में दिक्कत करे।

29 comments:

महफूज़ अली ने कहा…

बात तो आपने काम की बताई है..... पर शीर्षक देख के हमने सोचा की किसी ब्लॉगर को आप गरियाने वाले हैं..... और एक बात और मैं अपना नाम पटेंट करने करने जा रहा हूँ..... जिसे देखो वही यूस करता रहता है...... हाँ नहीं तो.....

पी.सी.गोदियाल ने कहा…

महफूज भाई , जितना जोर लगा लो मगर तुम अपना नाम पेटेंट नहीं करवा सकते! अब ये मत पूछना कि क्यों ? :)))

संगीता पुरी ने कहा…

बढिया जानकारी .. धन्‍यवाद !!

अजय कुमार झा ने कहा…

य़े आपने बहुत काम की जानकारी दी ...अक्सर इस तरह की गलतियां हो जाती हैं जिन्हें नहीं पता होता है ..अब ठीक रहेगा

Raviratlami ने कहा…

विंडोज लाइव राइटर नामक ब्लॉग पोस्ट करने वाले प्रोग्राम के जरिए इस समस्या से स्वचालित छुटकारा मिल जाता है. इससे वर्ड की बेसिक फ़ॉर्मेटिंग, लिंक इत्यादि जो वर्ड में बने रहते है वे मिटते नहीं.
लाइव राइटर के बारे में अधिक जानकारी ईपंडित के ब्लॉग पर पढ़ें.

http://epandit.blogspot.com/2007/01/windows-live-writer-review-and-download_02.html

AlbelaKhatri.com ने कहा…

achhi......upyogi baat

dhnyavad !

पं.डी.के.शर्मा"वत्स" ने कहा…

उपयोगी जानकारी के लिए धन्यवाद्!!!

रंजना [रंजू भाटिया] ने कहा…

इस जानकारी के लिए शुक्रिया ..

मुनेन्द्र सोनी ने कहा…

"यहाँ पर उन ब्लॉगर्स की बात कर रहा हूँ, जो अपना मैटर एम0एस0 आफिस में टाइप करते हैं और उसमें सेव करते हैं"
आप बड़े ब्लॉगर्स किन्हें मानते हैं जो कि इतनी सी भी तकनीकी समझ नहीं रखते या बस ऐसे ही शीर्षक चिपका मारा?

प्रकाश गोविन्द ने कहा…

बच्चों वाली बातें :)

स्वच्छ संदेश: हिन्दोस्तान की आवाज़ ने कहा…

जानकारी सार्थक, उनके लिए जो वाकई यह करते हैं और मैं दावे के साथ कह सकता हूँ कुछ वडे वडे ब्लोगर वाक़ई ऐसा करते होंगे, मगर मैं नहीं क्यूंकि मैं वेबसाइट डिजाईन में सन २००१ से हूँ...

हिमांशु । Himanshu ने कहा…

जानकारी उपयोगी है । रवि जी ने बताया ही, लाइव राइटर का उपयोग करना सही रहेगा ।

Suman ने कहा…

nice

amit kumar ने कहा…

आप ने बहुत ही अच्छी जानकारी दी है

मनोज कुमार ने कहा…

इस समस्या से मैं भी जूझ रहा था। अच्छी जानकारी। धन्यवाद।

बी एस पाबला ने कहा…

एक और उपाय है।

जब भी आप कोई यूनिकोड मैटर वर्ड से ले जाकर ब्लॉगर में पेस्ट करें तो compose के बदले HTML टैब वाले स्थान पर करें। फिर compose पर वापस लौट आने पर सब सामान्य रहता है।

बी एस पाबला

बी एस पाबला ने कहा…

बड़े बड़े ब्लॉगर!?

आकार बता देते तो पहचानने में गलती न होगी :-)

बी एस पाबला

Udan Tashtari ने कहा…

काम की जानकारी है.


हम तो बारहा से सीधे वर्ड पैड में टाईप करते हैं और .rtf में सेव करके रखते हैं. कभी ऐसी समस्या का सामना नहीं करना पड़ा.

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi ने कहा…

पाबला जी की बात ध्यान देने लायक है।
इस समस्या का आसान हल है कि एमएस वर्ड में टाइप किए हुए को कॉपी कर वर्डपैड पर पेस्ट करें और फिर वहाँ से कॉपी कर ब्लागर में पेस्ट कर दें। अब तो ब्लागर ने भी अपने राइटर पर फोर्मेटिंग रिमूव करने का बटन लगा रखा है। आप को जिस टेक्स्ट की फार्मेटिंग परेशान कर रही है उसे सेलेक्ट कर के बटन दबाएँ और फार्मेटिंग से मुक्ति पाएँ।

प्रवीण शाह ने कहा…

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बहुत उपयोगी व ज्ञानवर्धक,
आभार!

कोपल कोकास ने कहा…

हमे पाबला जी वाला उपाय ज़्यादा आसान लगता है ।

singhsdm ने कहा…

बहुत काम की जानकारी दी

योगेन्द्र मौदगिल ने कहा…

Wah ..... achhi jaankari.... Vinay g ko bhi dhanywaad...

Mrs. Asha Joglekar ने कहा…

काम की जीनकारी । मैने खुद इस समस्या का कई बार सामना किया है ।

संजय भास्कर ने कहा…

बहुत काम की जानकारी दी

Prerna ने कहा…

sach kaha

Ranjan ने कहा…

thanks.. its useful..

डॉ. नूतन गैरोला " अमृता " ने कहा…

bahut useful jaankaari..

बेनामी ने कहा…

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